कीर्तनम्

साथ मिलकर हरिनाम का कीर्तन।

कीर्तन का अर्थ है साथ मिलकर भगवान् का गुणगान करना, अधिकतर एक के गाने और सबके दोहराने की शैली में हरिनाम गाकर। सबसे प्रसिद्ध है महामंत्र:

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

गौड़ीय वैष्णव परंपरा सिखाती है कि कृष्ण अपने नाम में पूर्ण रूप से उपस्थित हैं। शायद इसीलिए कीर्तन इतना भरा-पूरा लग सकता है, कारण जानने से पहले ही।

कीर्तन के बाद बहुत-से लोग नाम को अपने साथ रखना चाहते हैं, जो गाया उसे समझना चाहते हैं, या जिनके साथ गाया उनसे मिलना चाहते हैं। इनमें से कोई भी अच्छा अगला कदम है।

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